| ۱- |
گاهی ز راه رأفت، رو سوی ما بگردان |
|
کج کن مسیر خود را، راه سرا بگردان |
|
|
| ۲- |
در پشت سر مینداز رسم و ره وفا را |
|
تا، خیر پیشت آید روی از جفا بگردان |
|
|
| ۳- |
درد فراق ما را جز اعتنا دوا نیست |
|
قَهر تو کُشت ما را جانا دوا بگردان |
|
|
| ۴- |
روزی اگر بلایی راه سعادتت بست |
|
رو نیم شب دعا کن از خود بلا بگردان |
|
|
| ۵- |
باشد دعا، گر از صدق، البته کارساز است |
|
از صدق دل دعا کن حُکم قضا بگردان |
|
|
| ۶- |
هرگز مگو که قسمت تغییرناپذیر است |
|
راه قضا بلا، از خود با دعا بگردان |
|
|
| ۷- |
خواهی بری «جلالی» گر فیض آشنایی |
|
روی امید خود از ناآشنا بگردان |
|
|
|
 |
|
|
|
|