| ۱- | حال دل با تو گفتنم هوس است |
| خبر دل شنفتنم هوس است | |
| ۲- | طمع خام بین که قصه فاش |
| از رقیبان نهفتنم هوس است | |
| ۳- | شب قدری چنین عزیز و شریف |
| با تو تا روز خفتنم هوس است | |
| ۴- | وه که دردانهای چنین نازک |
| در شب تار سفتنم هوس است | |
| ۵- | ای صبا امشبم مدد فرمای |
| که سحرگه شکفتنم هوس است | |
| ۶- | از برای شرف به نوک مژه |
| خاک راه تو رفتنم هوس است | |
| ۷- | همچو حافظ به رغم مدعیان |
| شعر رندانه گفتنم هوس است |
