| ۱- |
آن که پیدایشِ این عالم و آدم با اوست |
|
رامِشِ آدم و آرامشِ عالم با اوست |
|
|
| ۲- |
این بدان، تیغِ طبیعت نه همی زخم زند |
|
تیغِ جرّاحِ شریفی ست که مرهم با اوست |
|
|
| ۳- |
طینَتِ نَحس به جایی نرساند کس را |
|
فطرت ار پاک بُوَد، روحِ مُکرَّم با اوست |
|
|
| ۴- |
دیو، دیوست به نیرنگ سلیمان نشود |
|
چند روزی هم اگر حلقه خاتم با اوست |
|
|
| ۵- |
مَحوِ زیباییِ گُل مُنحَصِراً بلبل بود |
|
گل گمان بُرده که چون گوهر شبنم با اوست |
|
|
| ۶- |
عارف آنست که دل شاد بود در همه حال |
|
شادیِ شُکر چو دَر دِل نبُوَد غم با اوست |
|
|
| ۷- |
در پیِ سود و زیان نیست «جلالی» زیرا |
|
این دو با شادی و غم مُدغَم و دَرهَم با اوست |
|
 |