| ۱- | دل من در هوای روی فرُّخ |
| بود آشفته همچون مویِ فرُّخ | |
| ۲- | بجز هندوی زلفش هیچکس نیست |
| که برخوردار شد از روی فرُّخ | |
| ۳- | سیاهی نیک بخت است آنکه دایم |
| بود همراه و هم زانوی فرُّخ | |
| ۴- | شود چون بید لرزان سرو بُستان |
| اگر بینَد قد دلجویِ فرُّخ | |
| ۵- | بده ساقی شرابِ ارغوانی |
| به یاد نرگسِ جادویِ فرُّخ | |
| ۶- | دوتا شُد قامتم همچون کمانی |
| ز غم پیوسته چون ابروی فرُّخ | |
| ۷- | نسیمِ مشک تاتاری خجل کرد |
| شمیم زلفِ عنبر بویِ فرُّخ | |
| ۸- | اگر میل دل هر کس به جایی ست |
| بود میل دل من سوی فرُّخ | |
| ۹- | غلام خاطر آنم که باشد |
| چو حافظ چاکر و هندویِ فرُّخ |
