| ۱- | خسروا گوی فلک در خم چوگان تو باد |
| ساحت کون و مکان عرصه ی میدان تو باد | |
| ۲- | زلف خاتون ظفر شیفته پرچم توست |
| دیده ی فتح اَبَد عاشق جولان تو باد | |
| ۳- | ای که انشاء عطارد صفت شوکت توست |
| عقل کلّ چاکر طغراکش دیوان تو باد | |
| ۴- | طیره جلوه طوبی قد چون سرو تو شد |
| غیرت خلدبرین ساحت بستان تو باد | |
| ۵- | نه به تنها حیوانات و نباتات و جماد |
| هر چه در عالم امر است به فرمان تو باد | |
| ۶- | حافظ خسته به اخلاص ثناخوان تو شد |
| لطف عام تو شفابخش ثنا خوان تو باد |
