| ۱- | ما ز یاران چشم یاری داشتیم |
| خود غلط بود آن چه ما پنداشتیم | |
| ۲- | تا درخت دوستی کی بر دهد |
| حالیا رفتیم و تخمی کاشتیم | |
| ۳- | گفت و گو آیین درویشی نبود |
| ورنه با تو ماجراها داشتیم | |
| ۴- | شیوه چشمت فریب جنگ داشت |
| ما ندانستیم و صلح انگاشتیم | |
| ۵- | گلبن حسنت نه خود شد دلفروز |
| ما دم هّمت بر او بگماشتیم | |
| ۶- | نکته ها رفت و شکایت کس نکرد |
| جانب حرمت فرونگذاشتیم | |
| ۷- | گفت خود دادی به ما دل، حافظا |
| ما محصّل بر کسی نگماشتیم |
